Suzlon Energy भारत की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है, जो विंड एनर्जी सेक्टर में काम करती है। हाल के कुछ महीनों में Suzlon Energy का शेयर मार्केट में चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी की विंड टर्बाइन सॉल्यूशंस क्षमता और भारत सरकार की ग्रीन एनर्जी को सपोर्ट करने वाली नीतियां इसकी ग्रोथ को मजबूती दे रही हैं।
ऑर्डर बुक की मजबूती
सितंबर 2025 के अंत तक Suzlon Energy का ऑर्डर बुक रिकॉर्ड 6.2 GW पहुँचा है, जो कंपनी के आने वाले समय के रेवेन्यू की मजबूत स्थिति को दिखाता है। जानकारों का मानना है कि अगले कुछ वर्षों में कंपनी का ऑर्डर बुक 2028 तक 9–10 GW तक जा सकता है। यह ऑर्डर बुक सुजलॉन की मार्केट लीडरशिप को और मजबूत बनाती है।
फाइनेंशियल डाटा – 2025
Suzlon Energy की नेट कैश पोजिशन सितंबर 2025 में ₹1480 करोड़ रही। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹10,851 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 67% ज्यादा है। EBITDA 81% की ग्रोथ के साथ ₹1,857 करोड़ रहा, और मेन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी अब 4.5 GW तक पहुँच चुकी है।
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शेयर प्राइस ट्रेंड
11 नवंबर 2025 को Suzlon Energy का शेयर प्राइस ₹57.31 रहा, जो पिछले एक सप्ताह में थोड़ी गिरावट के बाद दिखाया गया है। वहीं Motilal Oswal और Anand Rathi जैसी ब्रोकरेज कंपनियों ने शेयर पर सुपर बुलिश रेटिंग दी है – Motilal Oswal ने ₹74 का टारगेट और Anand Rathi ने ₹70 का टारगेट बताया है। Nuvama ने “होल्ड” की रेटिंग दी है, साथ ही ₹66 का टारगेट।
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लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस
पिछले पांच सालों में सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 2009% तक बढ़ा है, लेकिन 2025 में कुछ गिरावट और वोलैटिलिटी भी आई है। सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी, कंपनी के डेब्ट स्ट्रक्चरिंग और मार्केट में बदलाव जैसे बड़े फैक्टर्स इसके शेयर प्राइस को प्रभावित कर सकते हैं।
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