Reliance Communications Ltd की वित्तीय हालत पिछले कुछ सालों में काफी कमजोर रही है। मार्च 2025 में कंपनी की कुल आय ₹391 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹455 करोड़ से 14% कम है। कंपनी को 2025 में ₹9,389 करोड़ का नेट घाटा हुआ, 2024 में यह घाटा ₹7,212 करोड़ था। तिमाही नतीजों के अनुसार Q1 2025 में इनकम ₹101 करोड़ रही, जबकि घाटा ₹2,502 करोड़ रेकॉर्ड हुआ। कंपनी का प्रमोटर शेयरहोल्डिंग जून 2025 और सितंबर 2025 में 0.77% ही रहा, कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
Reliance Communications ऑर्डर बुक
कंपनी की ऑर्डर बुक में फिलहाल कोई बड़ा प्रोजेक्ट या महत्वपूर्ण नया आदेश शामिल नहीं है। पिछली तिमाहियों की रिपोर्ट्स बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में आय कम होती जा रही है और नए निवेश या विस्तार के संकेत नहीं हैं। नेट कैश फ्लो भी नेगेटिव है, 2025 में -₹40 करोड़ ऑपरेटिंग एक्टिविटी से निकलकर आया। लगातार घाटे और बढ़ते खर्चों ने कंपनी की विस्तार क्षमता को सीमित कर दिया है।
read more : Punjab National Bank Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030
शेयर का प्रदर्शन
Reliance Communications का शेयर 2025 में लगभग ₹1.3 से ₹1.34 के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले एक साल में इसका 52 वीक हाई ₹2.35 और लो ₹1.14 था। कंपनी की मार्केट कैप ₹351.2 करोड़ है और पी/बी रेश्यो 0.00x है (Book Value बहुत नेगेटिव)। पिछले वर्षों में कंपनी ने डिविडेंड नहीं दिया है और शेयर का रिटर्न भी बहुत कमजोर रहा है।
read more : RVNL Ltd Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030
अगले 5 साल के लिए शेयर प्राइस टारगेट
नीचे टेबल में Reliance Communications Ltd के अनुमानित शेयर टारगेट दिए गए हैं, जो मौजूदा जानकारी और बाजार रुझानों पर आधारित हैं:
| वर्ष | शेयर प्राइस टारगेट (₹) |
|---|---|
| 2026 | 2.00 – 2.50 |
| 2027 | 2.50 – 3.00 |
| 2028 | 3.00 – 3.50 |
| 2029 | 3.50 – 4.00 |
| 2030 | 4.00 – 4.50 |
ये टारगेट्स केवल संभावित हैं, इनका आधार कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति, मार्केट रिवाइवल और संभावित डेब्ट रीस्ट्रक्चरिंग है। रिस्ट्रक्चरिंग में सुधार हुआ तो शेयर आगे चलकर तेजी दिखा सकता है।
मेन ग्रोथ फैक्टर्स
Reliance Communications की ग्रोथ फिलहाल काफी चुनौतियों के बीच है। कंपनी का कर्ज बेहद ज्यादा है, विस्तार के लिए पूंजी की कमी है और आय लगातार घट रही है। अगर अगले कुछ वर्षों में कंपनी अपने डेब्ट को कम करने, नए प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी अपनाने, और ग्राहक आधार बढ़ाने पर ध्यान दे, तब ग्रोथ के मौके बन सकते हैं। टेलिकॉम सेक्टर में रेगुलेटरी बदलाव भी भविष्य की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं।
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षिक और जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमपूर्ण है। कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय लें। सभी डेटा सार्वजनिक सोर्स से लिया गया है और शेयर टारगेट्स अनुमान पर आधारित हैं





