NBFC Share Price : भारत का NBFC सेक्टर (Non Banking Financial Company) साल 2025 में मजबूत ग्रोथ के साथ आगे बढ़ा है। Bajaj Finance, Shriram Finance, Cholamandalam Investment और Muthoot Finance जैसी टॉप NBFCs ने पिछले कुछ क्वार्टर्स में तगड़ी प्रॉफिट ग्रोथ और AUM (Assets Under Management) में अच्छी बढ़ोतरी दिखाई है। NBFC सेक्टर का कंबाइंड मार्केट कैप ₹23 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया है, जो बैंकिंग सिस्टम के बाद दूसरे नंबर का है।
लेटेस्ट कंपनी परफॉर्मेंस
- Bajaj Finance: 2025 में कंपनी ने ₹625,000 करोड़ से भी ज़्यादा मार्केट कैप प्राप्त किया है, नेट प्रॉफिट ग्रोथ 26% CAGR (5 वर्षों में), पिछले साल 19% ROE और ₹70,000 करोड़ से ज्यादा सालाना इनकम हासिल की है।
- Shriram Finance: 2025 में इसका मार्केट कैप ₹152,000 करोड़, नेट प्रॉफिट 27% CAGR (5 साल में), ROE 16% और ₹44,000 करोड़+ इनकम रही है।
- Cholamandalam Investment: इसने ₹144,000 करोड़ मार्केट कैप 2025 में पार कर लिया है, 32% CAGR प्रॉफिट ग्रोथ (5 साल), ROE 20% और इनकम ₹25,000 करोड़ से ऊपर रही।
- Muthoot Finance: ₹149,000 करोड़ मार्केट कैप, 11% CAGR प्रॉफिट ग्रोथ (5 साल), ROE 20%, गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में इंडस्ट्री लीडर और ₹20,000 करोड़+ इनकम रहा।screener
ऑर्डर बुक और लेटेस्ट रिसल्ट्स
यह कंपनियां लगातार NCD (Non Convertible Debentures) और बैंकों से ऋण लेकर अपनी ऑर्डर बुक मजबूत कर रही हैं। Bajaj Finance ने हाल ही में ₹1,800 करोड़+ के NCD जारी किए हैं जिसमें 2030 तक रिटर्न प्लान है। बाकी NBFCs भी लगातार लोन बुक बढ़ा रही हैं।
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पिछले 5 सालों का शेयर परफॉरमेंस
- Bajaj Finance: पिछले 5 सालों में 18% CAGR शेयर प्राइस ग्रोथ, 10 साल में 34%।
- Shriram Finance: 5 साल में 36% CAGR, 3 साल में 48%।
- Cholamandalam Investment: 5 साल में 41% CAGR, 1 साल की रिटर्न 42%।
- Muthoot Finance: 5 साल में 23% CAGR, 1 साल में 91% ग्रोथ।
अगले 5 साल (2026-2030) के टारगेट्स
वित्तीय रिपोर्ट्स और सेक्टर विश्लेषण से NBFC कंपनियों के लिए अगले पांच साल के अनुमानित शेयर टारगेट:
| वर्ष | Bajaj Finance | Shriram Finance | Cholamandalam | Muthoot Finance |
|---|---|---|---|---|
| 2026 | ₹1,300-1,450 | ₹970-1,080 | ₹2,100-2,300 | ₹4,600-5,000 |
| 2027 | ₹1,500-1,700 | ₹1,100-1,230 | ₹2,300-2,500 | ₹5,200-5,800 |
| 2028 | ₹1,700-2,000 | ₹1,200-1,350 | ₹2,550-2,850 | ₹5,900-6,500 |
| 2029 | ₹2,050-2,300 | ₹1,350-1,520 | ₹2,900-3,250 | ₹6,600-7,200 |
| 2030 | ₹2,400-2,700 | ₹1,500-1,700 | ₹3,200-3,500 | ₹7,300-8,000 |
ग्रोथ के बेसिक फैक्टर्स
NBFC सेक्टर को आगे बढ़ाने वाले मुख्य कारण हैं:
- डिजिटल लेंडिंग: ऑटोमेटेड सिस्टम से कस्टमर बेस तेज़ी से बढ़ा।
- पर्सनल लोन, MSME फाइनेंस और गोल्ड लोन में तगड़ी डिमांड।
- RBI की रेगुलेटरी सुधारों के बाद NBFCs की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है।
- लॉन्ग टर्म ऑर्डर बुक के साथ कंपनियां अब बैलेंस ग्रोथ और प्रोफिट दोनों पर फोकस कर रही हैं।
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