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Tata Power के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश, निवेशक ख़ुशी से झूम उठे, तूफानी तेजी के संकेत

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Tata Power ने Maharashtra सरकार के साथ मिलकर दो बड़े पंम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट्स बनाने का फैसला लिया है। इसमें Shirawta, Pune में 1,800 MW और Bhivpuri, Raigad में 1,000 MW का प्रोजेक्ट शामिल है। कुल मिलाकर इन दोनों प्रोजेक्ट्स की क्षमता 2,800 MW है। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के लिए खास तौर पर बनाया जा रहा है, जिससे मुंबई को साफ और ग्रीन एनर्जी मिल सके।

निवेश

Tata Power इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹11,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। Shirawta प्रोजेक्ट का काम जुलाई 2025 में शुरू और इसे पूरा होने में लगभग 5 साल लगेंगे। फाइनेंसिंग का स्ट्रक्चर 70:30 के डेब्ट-इक्विटी रेशियो पर आधारित है। Tata Power के CEO और MD प्रवीर सिन्हा ने Distribution Utility Meet में इसकी घोषणा की थी.

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क्लीन एनर्जी का महत्व

ये पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट्स सौर और पवन ऊर्जा जैसे रिन्युएबल सोर्सेज के साथ ग्रिड को बैलेंस करने में मदद करते हैं। जब मांग कम होती है तो एक्स्ट्रा एनर्जी को स्टोर किया जाता है, और जब बिजली की ज्यादा जरूरत होती है तो स्टोर की गई एनर्जी का उपयोग करके सप्लाई बढ़ाई जाती है। यह महाराष्ट्र के ग्रिड की रिलाइबिलिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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मुंबई में क्लीन एनर्जी की भूमिका

वर्तमान में Tata Power, Mumbai के लगभग 8 लाख कंज्यूमर्स को ~40% क्लीन एनर्जी सप्लाई करता है। FY25 में कंपनी ने 1,665 मिलियन यूनिट रिन्युएबल और 724 मिलियन यूनिट हाइड्रो पावर सप्लाई की है, जिससे टोटल 2,389 मिलियन यूनिट क्लीन और ग्रीन एनर्जी मिल चुकी है। यह मुंबई को लो-कार्बन फ्यूचर की ओर ले जा रहा है.​

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Tata Power Future

इन प्रोजेक्ट्स से न केवल महाराष्ट्र को एनर्जी सिक्योरिटी मिलेगी बल्कि राज्य के $1 ट्रिलियन इकॉनमी टारगेट में भी मदद मिलेगी। निर्माण के दौरान प्रोजेक्ट्स से लगभग 6,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. इसका असर मुंबई के पर्यावरण और आर्थिक विकास पर पड़ेगा, क्योंकि फॉसिल फ्यूल्स की जगह रिन्युएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

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