Suzlon : भारतीय ग्रीन एनर्जी इंडस्ट्री में Suzlon Energy और ACME Solar, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में सुर्खियों में हैं। दोनों कंपनियों ने रेकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है, जिसमें Suzlon ने ऐतिहासिक उच्चता पर और ACME Solar ने स्थायी ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर खुद को इस सेक्टर का अग्रणी साबित किया है।
EBITDA का हाल
ACME Solar ने जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में 601 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू 295 करोड़ रुपये था यानी 103% ग्रोथ। EBITDA भी 534 करोड़ तक पहुंचा, जिसमें 108% ग्रोथ दर्ज हुई। Suzlon का रेवेन्यू 3866 करोड़ रुपये, EBITDA 721 करोड़ रुपये रहा, दोनों में क्रमशः 85% और 145% की वृद्धि दर्ज की गई।
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शुद्ध लाभ (PAT)
PAT के लिहाज से ACME Solar ने 115 करोड़ रुपये हासिल किए, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 652% ग्रोथ दिखी। Suzlon का PAT 1279 करोड़ रहा, इसमें 538% ग्रोथ थी, लेकिन इसमें से 718 करोड़ रुपये टैक्स एडजस्टमेंट यानी वन टाइम गेन के चलते है। ACME Solar का PAT मार्जिन 19.1% और Suzlon का अनुमानित PAT मार्जिन 18.6% रहा।
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ऑर्डर बुक, परियोजनाएँ
Suzlon की ऑर्डर बुक 6.2 GW तक पहुंच गई है, जो अगले कई क्वार्टर में मजबूत डिलीवरी पाइपलाइन का संकेत देती है। Suzlon ने ग्रोथ की दृष्टि से 565 मेगावाट की डिलीवरी Q2 में की, जो सेक्टर में रेकॉर्ड है। वहीं ACME Solar का पोर्टफोलियो 7390 मेगावाट है और उसने हाल ही में 2 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का आर्डर भी दिया है, जिससे कुल BESS क्षमता 5 GWh से ऊपर पहुंच गई है।
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मुख्य ऑपरेशनल एवं फाइनेंशियल स्ट्रेंथ
ACME Solar की ग्रोथ ऑपरेशनल एफिशिएंसी, नयी परियोजनाओं और ऊर्जा भंडारण विस्तार पर आधारित रही है। कंपनी ने Tata Power के साथ 50MW फर्म एवं डिस्पैचेबल रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट का PPA भी हासिल किया है, जिसमें 4 घंटे पिक सिमाय का सप्लाई और INR 4.43 प्रति यूनिट टैरिफ फिक्स हुआ है। Suzlon की ऑर्डर बुक और डिलीवरी से कंपनी की लोहा मजबूत है, वहीं उसके पास भारत की सबसे बड़ी विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (4.5 GW) है।
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